ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को देशव्यापी मेडिकल स्टोर बंद
गड़चिरोली, 18 मई — अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा पैदा की जा रही अनुचित प्रतिस्पर्धा के विरोध में अखिल भारतीय औषध विक्रेता संघ (AIOCD) ने बुधवार, 20 मई को देशव्यापी दवा विक्रेता बंद का आह्वान किया है। गड़चिरोली डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी इस बंद को समर्थन देते हुए जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
सोमवार को आयोजित पत्रकार परिषद में एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र सोमनकर ने बताया कि दवा व्यवसाय Drugs and Cosmetics Act 1940 एवं Rule 1945 के अंतर्गत संचालित होता है, लेकिन ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए अब तक स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं बनाए गए हैं। इसके बावजूद देशभर में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन दवाओं की बिक्री जारी है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर अधिसूचना जारी की थी, लेकिन उसे अब तक कानून का रूप नहीं दिया गया। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका लंबित है और अदालत ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक भी लगाई है।
संघटना का आरोप है कि कोरोना काल में होम डिलीवरी के लिए दी गई अस्थायी अनुमति का फायदा उठाकर ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट के साथ दवाएं बेच रही हैं। इससे छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं के व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ रहा है। संगठन के अनुसार देशभर के लगभग 12.50 लाख दवा विक्रेताओं का रोजगार संकट में है।
पत्रकार परिषद में कहा गया कि कई लोग बिना डॉक्टर की पर्ची के ऑनलाइन दवाएं मंगा रहे हैं। कुछ मामलों में नकली दवाएं और नशे के लिए उपयोग होने वाली दवाएं भी ऑनलाइन बेचे जाने के उदाहरण सामने आए हैं, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
बंद के दौरान बुधवार सुबह 11 बजे स्थानीय केमिस्ट भवन से मौन मोर्चा निकाला जाएगा। हालांकि गंभीर मरीजों और आपातकालीन जरूरतों को देखते हुए संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरतमंदों को दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।













