पंतप्रधान मोदींच्या संवेदनशील नेतृत्वामुळे मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्गाच्या मागणीला नवे बळ; पीएमओकडून रेल्वे बोर्डाला कार्यवाहीचे निर्देश

गडचिरोली, दि. १५ जून : देशाच्या दुर्गम आणि आदिवासीबहुल भागांच्या विकासासाठी सातत्याने प्रयत्नशील असलेल्या पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या नेतृत्वाखाली केंद्र सरकारने गडचिरोली जिल्ह्यातील बहुप्रतिक्षित मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्गाच्या मागणीची दखल घेतली आहे. पंतप्रधान कार्यालयाने (PMO) या संदर्भातील निवेदन स्वीकारून पुढील आवश्यक कार्यवाहीसाठी रेल्वे बोर्डाकडे पाठविल्याने जिल्ह्यातील नागरिकांमध्ये आशेचे वातावरण निर्माण झाले आहे.
PMOPG/D/2026/0108268 या क्रमांकाने नोंद झालेल्या प्रकरणात पंतप्रधान कार्यालयाने संबंधित निवेदन रेल्वे बोर्डाच्या एक्झिक्युटिव्ह डायरेक्टर यांच्याकडे पाठविल्याचे कळविले आहे. त्यामुळे गेल्या अनेक वर्षांपासून प्रलंबित असलेल्या या महत्त्वाच्या रेल्वे प्रकल्पाला गती मिळण्याची शक्यता व्यक्त केली जात आहे.
गेल्या काही वर्षांत पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या नेतृत्वाखाली देशातील पायाभूत सुविधांच्या विकासाला अभूतपूर्व वेग मिळाला आहे. वंदे भारतसारख्या आधुनिक रेल्वे गाड्या, नवीन रेल्वेमार्ग, महामार्ग, औद्योगिक कॉरिडॉर आणि दुर्गम भागांपर्यंत विकास पोहोचविण्याच्या धोरणामुळे देशाच्या कानाकोपऱ्यात विकासाची नवी दारे खुली झाली आहेत. याच पार्श्वभूमीवर गडचिरोलीसारख्या मागास आणि नक्षलग्रस्त जिल्ह्याच्या विकासासाठी मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्ग अत्यंत महत्त्वाचा मानला जात आहे.
चामोर्शी तालुक्यातील भेंडाळा परिसरात प्रस्तावित जेएसडब्ल्यू उद्योग समूहाचा प्रकल्प, कोनसरी येथील लोह प्रक्रिया उद्योग तसेच भविष्यात उभारल्या जाणाऱ्या विविध औद्योगिक प्रकल्पांमुळे या भागात मालवाहतुकीची गरज मोठ्या प्रमाणात वाढणार आहे. सध्या बहुतांश मालवाहतूक रस्तेमार्गे होत असल्याने राष्ट्रीय आणि राज्य महामार्गांवर मोठा ताण निर्माण होत आहे. परिणामी अपघातांचे प्रमाण वाढत असून वाहतुकीचा खर्चही वाढत आहे.
मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्ग मंजूर झाल्यास कोळसा, लोखंड, बांधकाम साहित्य आणि औद्योगिक उत्पादनांची वाहतूक अधिक सुरक्षित, जलद आणि कमी खर्चात होऊ शकणार आहे. त्यामुळे उद्योग क्षेत्राला मोठा फायदा होण्याबरोबरच जिल्ह्यात नवीन गुंतवणुकीलाही चालना मिळेल.
या रेल्वेमार्गामुळे धार्मिक पर्यटन क्षेत्रालाही मोठा लाभ होणार आहे. चामोर्शीजवळील ऐतिहासिक आणि प्रसिद्ध मार्कंडादेव तीर्थक्षेत्रात दरवर्षी लाखो भाविक दर्शनासाठी येतात. रेल्वे सुविधा उपलब्ध झाल्यास देशभरातील भाविकांना येथे सहज पोहोचता येईल. त्यामुळे पर्यटन वाढून स्थानिक व्यापारी, हॉटेल व्यवसायिक आणि युवकांसाठी रोजगाराच्या नवीन संधी निर्माण होतील.
या मागणीसाठी केद्रींय अध्यक्ष संतोष छबिलदास सुरपाम मार्कंडेश्वर बहुउद्देशीय सुशिक्षित बेरोजगार विकास संस्थेनी गेल्या दीड दशकापासून सातत्याने पाठपुरावा केला आहे. त्यांनी १४ एप्रिल २०११ रोजी CMS-28404 क्रमांकाने निवेदन सादर केले होते. त्यानंतर २० एप्रिल २०११ रोजी रेल्वे मंत्रालयाकडे संबंधित प्रस्ताव पाठविण्यात आला होता. तेव्हापासून विविध स्तरांवर सातत्याने पाठपुरावा सुरू असून आता पंतप्रधान कार्यालयाने स्वतः या विषयाची दखल घेतल्याने प्रयत्नांना मोठे यश मिळाल्याचे मानले जात आहे.
श्रीमंत संतोष सुरपाम यांनी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांचे आभार व्यक्त करताना सांगितले की, “देशाच्या दुर्गम भागातील नागरिकांच्या मागण्यांनाही पंतप्रधान कार्यालय गांभीर्याने घेत असल्याचे या कार्यवाहीतून दिसून येते. गडचिरोली जिल्ह्याच्या औद्योगिक, सामाजिक आणि धार्मिक विकासासाठी मूल–चामोर्शी रेल्वेमार्ग अत्यंत आवश्यक असून केंद्र सरकार याबाबत सकारात्मक निर्णय घेईल, असा विश्वास आहे.”
पंतप्रधान कार्यालयाने या मागणीची दखल घेतल्याने गडचिरोली आणि चंद्रपूर जिल्ह्यातील नागरिक, उद्योग क्षेत्र, व्यापारी संघटना आणि सामाजिक संस्थांनी समाधान व्यक्त केले आहे. आता रेल्वे मंत्रालयाकडून या महत्त्वाकांक्षी प्रकल्पाबाबत सकारात्मक निर्णय होऊन गडचिरोलीच्या विकासाला नवी दिशा मिळेल, अशी अपेक्षा व्यक्त होत आहे.
प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनशील नेतृत्व से मूल–चामोर्शी रेलमार्ग की मांग को नई ताकत; पीएमओ ने रेलवे बोर्ड को दिए कार्रवाई के निर्देश
गड़चिरोली, 15 जून। देश के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गड़चिरोली जिले की बहुप्रतीक्षित मूल–चामोर्शी रेलमार्ग की मांग पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस संबंध में प्राप्त निवेदन को स्वीकार करते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। इससे जिले के नागरिकों में नई उम्मीद जगी है।
PMOPG/D/2026/0108268 क्रमांक से दर्ज प्रकरण में प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित निवेदन रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (Executive Director) को अग्रेषित किया है। इससे कई वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को गति मिलने की संभावना बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में देश में बुनियादी ढांचे के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों, नए रेलमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, औद्योगिक कॉरिडोरों तथा दूरदराज क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने की नीति ने देशभर में विकास के नए अवसर पैदा किए हैं। इसी क्रम में गड़चिरोली जैसे पिछड़े और नक्सल प्रभावित जिले के लिए मूल–चामोर्शी रेलमार्ग को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चामोर्शी तहसील के भेंडाला क्षेत्र में प्रस्तावित जेएसडब्ल्यू समूह की औद्योगिक परियोजना, कोनसरी स्थित लौह प्रसंस्करण उद्योग तथा भविष्य में स्थापित होने वाले विभिन्न औद्योगिक प्रकल्पों के कारण इस क्षेत्र में माल परिवहन की आवश्यकता तेजी से बढ़ने वाली है। वर्तमान में अधिकांश माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती है, जिससे राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर भारी दबाव पड़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है तथा परिवहन लागत भी अधिक हो रही है।
मूल–चामोर्शी रेलमार्ग के निर्माण से कोयला, लौह अयस्क, निर्माण सामग्री तथा औद्योगिक उत्पादों का परिवहन अधिक सुरक्षित, तेज और कम लागत में संभव होगा। इससे उद्योगों को लाभ मिलने के साथ-साथ जिले में नए निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
यह रेलमार्ग धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगा। चामोर्शी के निकट स्थित ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मार्कंडादेव तीर्थक्षेत्र में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। रेल सुविधा उपलब्ध होने पर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस मांग के लिए मार्कंडेश्वर बहुउद्देशीय सुशिक्षित बेरोजगार विकास संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष संतोष छबिलदास सुरपाम पिछले डेढ़ दशक से लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने 14 अप्रैल 2011 को CMS-28404 क्रमांक से इस संबंध में निवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद 20 अप्रैल 2011 को रेल मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। तब से विभिन्न स्तरों पर लगातार अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही थी। अब प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा स्वयं इस विषय पर संज्ञान लेने को इस लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
संतोष सुरपाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रधानमंत्री कार्यालय देश के दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की मांगों को भी गंभीरता से सुनता है। गड़चिरोली जिले के औद्योगिक, सामाजिक और धार्मिक विकास के लिए मूल–चामोर्शी रेलमार्ग अत्यंत आवश्यक है। हमें विश्वास है कि केंद्र सरकार इस विषय में सकारात्मक निर्णय लेगी।”
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मांग पर संज्ञान लिए जाने के बाद गड़चिरोली और चंद्रपुर जिलों के नागरिकों, उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं ने संतोष व्यक्त किया है। अब सभी की निगाहें रेलवे मंत्रालय पर टिकी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र मंजूरी देकर गड़चिरोली के विकास को नई दिशा दी जाएगी।
PM Modi’s Responsive Leadership Gives New Momentum to Mul–Chamorshi Railway Line Demand; PMO Directs Railway Board for Further Action
Gadchiroli, June 15: In a significant development for the people of Gadchiroli district, the Government of India under the leadership of Prime Minister Narendra Modi has taken cognizance of the long-pending demand for the Mul–Chamorshi railway line. The Prime Minister’s Office (PMO) has accepted the representation regarding the project and forwarded it to the Railway Board for necessary action, creating renewed hope among citizens of the region.
According to the communication registered under PMOPG/D/2026/0108268, the PMO has referred the representation to the Executive Director of the Railway Board for further examination and action. This move is being viewed as an important step toward advancing the much-awaited railway project, which has remained pending for several years.
Under Prime Minister Narendra Modi’s leadership, India has witnessed unprecedented growth in infrastructure development, including modern railway projects, Vande Bharat trains, highways, industrial corridors, and connectivity initiatives aimed at bringing development to remote and underdeveloped regions. In this context, the proposed Mul–Chamorshi railway line is considered crucial for the economic and social development of Gadchiroli district, a predominantly tribal and previously insurgency-affected region.
The proposed JSW industrial project in the Bhendala area of Chamorshi taluka, the iron processing industry at Konsari, and several future industrial ventures are expected to substantially increase freight transportation requirements in the region. At present, most goods are transported by road, placing considerable pressure on national and state highways, increasing transportation costs, and contributing to a rise in road accidents.
Once approved, the Mul–Chamorshi railway line would facilitate the efficient movement of coal, iron ore, construction materials, and industrial products in a safer, faster, and more cost-effective manner. The project is also expected to attract fresh investments and accelerate industrial growth in the district.
The railway line is likely to provide a major boost to religious tourism as well. The historic and renowned Markandadeo pilgrimage site, located near Chamorshi, attracts lakhs of devotees every year. Improved rail connectivity would make the destination more accessible to pilgrims from across the country, promoting tourism and creating new employment opportunities for local traders, hospitality businesses, and youth.
The demand for the railway line has been consistently pursued for over fifteen years by Santosh Chhabildas Surpam, Central President of the Markandeshwar Multipurpose Educated Unemployed Development Organization. He had initially submitted a representation on April 14, 2011, under reference number CMS-28404, which was subsequently forwarded to the Ministry of Railways on April 20, 2011. Since then, continuous follow-up efforts have been undertaken at various levels. The PMO’s recent intervention is being seen as a major breakthrough in this long-standing campaign.
Expressing gratitude to Prime Minister Narendra Modi, Santosh Surpam stated, “This action demonstrates that the Prime Minister’s Office takes the concerns of citizens from even the most remote parts of the country seriously. The Mul–Chamorshi railway line is essential for the industrial, social, and religious development of Gadchiroli district. We are confident that the Central Government will take a positive decision on this important project.”
The PMO’s acknowledgment of the demand has been welcomed by citizens, industrial stakeholders, business associations, and social organizations across Gadchiroli and Chandrapur districts. There is now growing optimism that the Ministry of Railways will take a favorable decision and pave the way for a transformative infrastructure project that could significantly contribute to the region’s development.













